देश में ताजा पानी के कछुओं के अस्तित्व पर मंडराते खतरों के मद्देनजर जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जैडएसआई) ने इनकी संख्या पता करने के लिए सर्वेक्षण कराने का फैसला किया है ।
नदियों में बढ़ता प्रदूषण, रेत के लिए खुदाई, वैश्विक पर्यावरण में आता बदलाव और जंतुओं के अवैध व्यापार के चलते कछुओं के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है ।
शोधपत्र में कहा गया है कि पर्यावरण से जुड़े कई कारकों ने कछुओं के निवास स्थल और प्रजनन को भी प्रभावित किया है ।
नदियों में बढ़ता प्रदूषण, रेत के लिए खुदाई, वैश्विक पर्यावरण में आता बदलाव और जंतुओं के अवैध व्यापार के चलते कछुओं के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है ।
शोधपत्र में कहा गया है कि पर्यावरण से जुड़े कई कारकों ने कछुओं के निवास स्थल और प्रजनन को भी प्रभावित किया है ।
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